हाथ न छोडो ,नजरें न हटाओ मुझसे,
होश बाकी हैं अभी बेखबर होने दो ।
यूँ मेरे साथ कई रातों का जागा है वो चाँद,
आज तुम जागो मेरे साथ सहर होने दो।
थक गए हैं यूँ ही भटकते हुए वीराने में,
दो घडी दिल को, मेरे ख्वाबों का घर होने दो।
धडकनें बन के तेरे साथ रहूँगा हरदम ,
इक दफा मेरी दुआओं का असर होने दो।
फिर न मालूम कब आएगी या न आएगी
आज की रात इन आँखों में बसर होने दो ।
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awsome brother...
ReplyDeletekeep d good work goin :)
sukriya azimo..:)
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